Sunday, September 15, 2013

तमाशबीन


 
जो तमाशबीन हैं 
बन जायेंगे कल वे भी तमाशे का हिस्सा 
क्रूर समय के इशारों पर 
उछलेंगे, कूदेंगे, नाचेंगे 
हसेंगे, गायेंगे, रोयेंगे 
जमूरे की तरह 
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लोग तालियाँ पीटेंगे , ठहाके लगायेंगे 
इस बात से बेखबर कि
उन्हें भी नचाएगा मदारी समय 
कल जमूरा बनाकर 
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समय की आँख में 
कैद हो चुकी है 
मज़मे में शामिल हर तमाशबीन की तस्वीर 
समय किसी को नहीं बख्शेगा 
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इसलिए मेहरबान कदरदान 
होशियार हो जाओ 
कल तुम्हारी बारी है .